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विश्‍व की विश्‍वास से जुड़ी परंपराएँ

Lead Writer: Stephen Gibson

Course Description

यह कोर्स 17 चुनिन्दा पंथों और धार्मिक परम्पराओं की बुनियादी मान्यताओं और इतिहासों की व्याख्या करता और उनकी तुलना ऐतिहासिक प्रोटेस्टेन्ट मसीहीयत से करते हुए बाइबल से उनके सिद्धान्तों और प्रथाओं का मूल्यांकन करता है। इसके द्वारा विद्यार्थी गलत धर्मो की गलत शिक्षाओं का उत्तर देने और मसीहियों को इन गलतियों से बचाने के लिए तैयार हो पाएंगें।

What You'll Learn

मूल मसीहियत
धार्मिक मतभेद को समझना
मोर्मोन धर्म
यहोवा विटनेसेस (यहोवा के साक्षी)
इग्लेसिया नी क्रिस्टो (मसीह की कलीसिया)
ईस्टर्न लाइटनिंग
प्रलयवादी पंथ
हिन्दू धर्म
बौद्ध धर्म
ताओ धर्म
इस्लाम
यहूदी धर्मसब्त
नये युग का धर्म
प्रकृति धर्म
वुडू
सेवेंथ डे एड्वैंटिस्म को समझना
रोमन कैथोलिकवाद को समझना
ईस्टर्न रूढ़िवादी धर्म को समझना
समृद्धि के धर्मशास्त्र को समझना

Course Objectives

1. मसीहियों के सर्वाधिक प्रभावशाली पथों और धार्मिक परंपराओं के मूल सिद्धान्तों को समझने में सहायता करना।

2. मसीहियों की यह समझने में सहायता करना कि क्यों कुछ गलत शिक्षाएं हानिकारक हैं।

3. पंथों के प्रभाव से मण्डली को बचाने के लिए उनके पासबानों को तैयार करना।

4. धार्मिक त्रुटियों का बाइबल द्वारा उत्तर देने के लिए मसीहियों को प्रशिक्षित करना।

5. दूसरे धर्मो की परम्पराओं को मानने वाले लोगों को शिक्षा देने के लिए व्यवहारिक दिशा प्रदान करना।

Introduction

कक्षा के अगुवे के लिए व्याख्या और निर्देश

जहां कहीं भी वचनों को कोष्ठक या मुख्य पाठ के भीतर लिखा गया है, कक्षा आगे बढ़ने से पहले उन वचनों को ज़रूर से पढ़ें।

धर्म समूहों से सम्बन्धित अध्यायों (पाठ 3-19) में सामान्यतः उसी नमूने का पालन किया गया है जो आगे निर्देषों में दिये गये हैं। पहले दो पाठ विशेष विषयों पर तैयार किये गये हैं।

ये निर्देश बताते हैं किस प्रकार कक्षा को उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ शिक्षा प्रदान की जा सकती है। जो विद्यार्थी Shepherds Global Classroom. से प्रमाण पत्र प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिए शिक्षकों को यही मानक तय करना चाहिए। लेकिन अन्य प्रकार के वे समूह जो इन मांगों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, अगुवे या शिक्षक उनकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए उन्हें अलग प्रमाण पत्र दे सकते हैं।

हमारे विचार से प्रत्येक पाठ को सम्पन्न करने में कम से कम दो घण्टे का समय लगेगा। यदि समूह कम समय के लिए मिलने जा रहा है तो, पाठ को दो सभाओं के लिए बांटा जा सकता है।

सामूहिक गतिविधियों का क्रम

(1) सुसमाचार वार्ता से जुड़ी रिपोर्टस (अनुमानित समयः यदि रिपोर्ट्स अधिक हैं तो, 20 मिनट)

जिन विद्यार्थियों ने पिछले पाठ पर वार्ता समाप्त कर ली है वे रिपोर्ट लिखेगें। वे सिर्फ सुसमाचार की कहानी को साझा करेगें। बाकि के विद्यार्थी भविष्य के लिए सुझाव देगें। किसी भी विद्यार्थी को किसी की रिपोर्ट पर अधिक आलोचनात्मक होने का अवसर न दें।

(2) कक्षा के पुनरावलोकन का समय (अनुमानित समयः 5-10 मिनट)

कक्षा का अगुवा पिछले पाठ का पुनरावलोकन करते हुए प्रश्न करे, उसके बाद वह कुछ प्रश्न उन पाठों से भी पूछ सकता है जिन्हें पहले से पढ़ाया जा चुका है। इसका उद्देश्य विद्यार्थी की स्मरण शक्ति को मज़बूत करना और उनके पास पायी जाने वाली गलतफहमियों को दूर करना है। पुनरावलोकन प्रश्न हमारी कई महत्वपूर्ण तथ्यों को समझने में मदद करते हैं। पुनरावलोकन प्रश्नों का उपयोग करके निर्देशक, कोर्स को अत्यधिक प्रभावशाली बना सकता है। पुनरावलोकन प्रश्न इस कोर्स के अन्त में दिये गये हैं।

(3) पहली मुलाकात

कोई भी जन “पहली मुलाकात" वाले शीर्षक को पढ़े। इसे पढ़ते समय अधिक टिप्पणियां या चर्चा न करें। कहानियों के अन्त में कोई निष्कर्ष प्रदान नहीं किया गया है जिससे विद्यार्थियों के भीतर कहानी को पढ़ते समय जिज्ञासा उत्पन्न हो सके। कई मामलों में, पाठ के अन्त में दी गयी गवाही उसी व्यक्ति के बारे में है जिसका जिक्र पहली मुलाकात में किया गया है।

(4) वचन का अध्ययन – भाग 1 (अनुमानित समय: 15 मिनट)।

दिये गये अनुच्छेद को एक साथ ऊँची आवाज़ में पढ़ें। कुछ विद्यार्थी बारी बारी करके बाइबल वचनों को पढ़ सकते हैं। उसके बाद कुछ समय के लिए शान्त होकर विद्यार्थियों को सांराश और कथनों की सूचियां (प्रत्येक पाठ में विशेष निर्देष दिये गये हैं) लिखने का अवसर दें। जब वे लिख चुके हों तब उनमें से कुछ विद्यार्थियों को अपनी लिखी बातों को बताने को मौका दें ताकि वे एक दूसरे से सीख सकें।

(5) धार्मिक समूह का अध्ययन (अनुमानित समयः 40 मिनट)

धार्मिक समूह के बारे में प्रदान की गयी जानकारी का अध्ययन करें। अगुवा या कोई और जन समूह में सामग्री को पढ़कर उसके बारे में उन्हें समझा सकता है। अलग अलग विद्यार्थी हाशिये में लिखी हुए कथनों को समझा सकते हैं।

चर्चा करने वाले प्रश्न और कक्षा में की जाने वाली गतिविधियों कों ► इंगति किया गया है। कक्षा को अगुवा प्रश्न करे और विद्यार्थियों को उत्तर पर चर्चा करने के लिए समय दे। प्रत्येक पाठ में इस प्रकार के बहुत से प्रश्न होगें।

उभरे हुए और तिरछे अक्षर धार्मिक समूहों की गलत शिक्षाओं और परम्पराओं को दर्शाते हैं। धार्मिक समूह के बारे में तथ्यों को पढ़ने के बाद व्याख्याओं और दिये गये वचनों को पढ़ें।

(6) सिद्धान्त की हस्तपुस्तिका का उपयोग करना (अनुमानित समयः 20 मिनट)

सिद्धान्त की हस्तपुस्तिका, अध्यायों के बाद छपा हुआ सामग्री का एक खण्ड है। पाठ के इस बिन्दू पर, इस खण्ड में रखे हुए सिद्धान्त की हस्तपुस्तिका पर ध्यान दें। विद्यार्थी वचन को एक साथ पढ़ें और सुनिश्चित करें कि ये पद किस तरह से एक बिन्दू को साबित करते हैं। हर एक विद्यार्थी करके दिखाए कि वह इस वचन से एक बिन्दू को साबित कर सकता है। कुछ बिन्दुओं का इस्तेमाल कई अध्यायों में किया गया है। यदि ऐसा लगता है कि विद्यार्थी उस बात को ठीक ठंग से समझ गया है तो उस अभ्यास को फिर से दोहराने की आवश्यकता नहीं है।

(7) सुसमाचार प्रसार (अनुमानित समय: 10 मिनट)

यह खण्ड तब हमें कुछ व्यावहारिक बातों को याद करने में सहायता करता है जब हम किसी धार्मिक समूह के लोगों से बातें कर रहे हों। कुछ अध्यायों में इसे सिद्धान्त की हस्तपुस्तिकाके साथ इस्तेमाल किया गया है।

(8) एक गवाही

कोई जन “एक गवाही” नामक खण्ड को पढ़ें। ये गवाहियां लोगों की सच्ची घटनाएं हैं, हालांकि बहुत बार नामों को बदल दिया गया है।

(9) वचन का अध्ययन – भाग 2 (अनुमानित समय: 20 मिनट)

सत्र के अन्त में, निर्धारित अनुच्छेद को फिर से पढ़ें। कुछ क्षणों के लिए प्रतीक्षा करें ताकि विद्यार्थी संदेश की व्याख्या करते हुए एक अनुच्छेद को लिख सकें जो उस खण्ड में उस धार्मिक समूह के लिए है जिसका उन्होंने अध्ययन किया है। होने दें कि कुछ विद्यार्थी अपनी बातों को समूह के साथ में साझा कर सकें।

(10) निर्धारित कार्य

पाठ को समाप्त करते समय विद्यार्थियों को यह अवश्य ध्यान दिलाएं कि वे सुसमाचार प्रस्तुत करने के एक अवसर की खोज अवश्य करें। यदि सम्भव हो तो, अध्ययन करने वाले समूह के साथ विद्यार्थी गण अवश्य बातचीत करें। वे सुसमाचार तथा अन्य मसीही शिक्षाओं को उन्हें बताने का प्रयास करें। यदि उनके लिए विशेष धर्म समूह को सदस्य नहीं मिलता, तब उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी चाहिए जो उनकी पाठ्य सामग्री को सुनने में रूची दिखाए। वे उस धर्म के बुनियादी मूल्यों को बताएं, उसके बाद बाइबल के आधार पर प्रतिउत्तर दें। वे कक्षा के सामने अपनी बात रखने के लिए पूरी तरह से तैयार हों।

प्रत्येक विद्यार्थी कोर्स के माध्यम से 10 विभिन्न धर्मों के बारे में किये गये अध्ययन के बारे में एक लिखित रिपोर्ट दें। उस लिखित रिपोर्ट में उस धर्म की वे विशेषताएं लिखी होना जरूरी है जो एक प्रचारक के लिए जानना महत्वपूर्ण और आवश्यक है। उस रिपोर्ट में विद्यार्थी लिखें, कि उन्होंने अपनी मुलाकात में किस बात की व्याख्या की, और दूसरे व्यक्ति ने किस तरह उसकी बातों को प्रतिउत्तर दिया। प्रत्येक वार्ता की रिपोट लगभग 2 पृष्टों की होनी चाहिए। निर्देशक निर्धारित कार्य की व्याख्या पहले कुछ अध्यायों के बीच में अवश्य करें। विद्यार्थियों के द्वारा लिखी गयी अच्छी रिपोर्टों को विद्याथियों के सामने उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।

10 मुलाकातें और रिपोर्ट लिखना इस कोर्स का प्राथमिक निर्धारित कार्य है। इस पुस्तक के अन्त में निर्देशक द्वारा एक लेखा रखने में मदद करने के लिए एक फार्म दिया गया है।

(11) सुझाए गए संसाधन

यदि विद्यार्थी किसी धार्मिक समूह के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो उन्हें उपलब्ध संसाधनों को देखने के लिए पुस्तक के अन्त में सुझाए गए संसाधनों पर गौर करना चाहिए।

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