पहली मुलाकात
मीरी पापुआ न्यू गिनी के एक गांव में रहना वाला एक छोटा बच्चा था। उसके पास कम खिलौने थे लेकिन कभी-कभी वह अपने दादा की खोपड़ी के साथ खेलता था। खोपड़ी को अपने पूर्वज का सम्मान करने और बुरी आत्माओं को दूर रखने के लिए घर में रखा जाता था।
Lesson
Playlist
Search through all lessons and sections in this course
Searching...
No results found
No matches for ""
Try different keywords or check your spelling
1 min read
by Stephen Gibson
मीरी पापुआ न्यू गिनी के एक गांव में रहना वाला एक छोटा बच्चा था। उसके पास कम खिलौने थे लेकिन कभी-कभी वह अपने दादा की खोपड़ी के साथ खेलता था। खोपड़ी को अपने पूर्वज का सम्मान करने और बुरी आत्माओं को दूर रखने के लिए घर में रखा जाता था।
► भजन संहिता 147 को ऊँची आवाज में मिलकर पढ़ें। प्रत्येक छात्र एक अनुच्छेद लिखे जो इस पवित्रशास्त्र के अंश का सारांश प्रस्तुत करे। यह अंश सृष्टि के साथ परमेश्वर की भागीदारी के बारे में क्या कहता है? प्रत्येक छात्र कथनों की एक सूची बनाए। जो आपने लिखा है उस पर सामूहिक रूप से चर्चा करें।
[1]प्रकृति धर्म एक धार्मिक विश्वास प्रणाली या विश्वदृष्टि है जो अधिकांश आदि संस्कृतियों की खासियत और अधिकांश आदि समाजों में धार्मिक अभ्यास का आधार है। प्रकृति धर्मों की कई मान्यताएँ और प्रथाएँ हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म, वुडूवाद और रोमन कैथोलिक धर्म सहित अन्य प्रमुख विश्व धर्मों के उपासकों के बीच भी पाई जा सकती हैं। नए युग के धर्म में कई लोग अलौकिक के साथ बातचीत करने के तरीके खोजने के लिए प्रकृति धर्मों का अध्ययन करते हैं।
प्रकृति धर्म को कभी-कभी एनिमिज्म कहा जाता है। एनिमिज्म एक ऐसा शब्द है जो इस विश्वास पर जोर देता है कि प्रकृति के तत्वों में आत्माएं होती हैं। इसमें पशु, पेड़, पहाड़ और नदियाँ सम्मलित हैं। एनिमिस्ट मानते हैं कि फसल उगाने, घर बनाने और स्वस्थ रहने में सफल होने के लिए उन्हें उन आत्माओं को स्वीकार करना चाहिए और उनके साथ बातचीत करनी चाहिए।
एनिमिस्ट लोग उन आत्माओं में विश्वास करते हैं जो कुछ निश्चित स्थानों पर रहती हैं, लेकिन परमेश्वर के पास हर जगह समस्त सामर्थ है, 1 राजा 20:28 देखें।
एनिमिस्ट ऐसी आत्माओं में भी विश्वास करते हैं जो किसी भौतिक शरीर या स्थान से जुड़ी हों। वे यह भी मानते हैं कि उनके पूर्वजों की आत्माएँ संसार और उनके जीवन में सम्मलित हैं।
[2]एनिमिस्ट अपने विश्वासों को धर्म नहीं कहते। उनके लिए एनिमिज्म सिर्फ वास्तविकता है। आम तौर पर एनिमिज्म का कोई आधिकारिक वचन या लिखित सिद्धांत नहीं है।
► प्रकृति धर्मों और हमारे द्वारा अध्ययन किये गये अन्य धर्मों के बीच आप क्या समानताएं देखते हैं?
प्रकृति धर्मों में मनुष्य संसार से अलग नहीं है, बल्कि संसार का हिस्सा है, तथा उसकी कोई विशेष स्थिति नहीं है।
परमेश्वर मनुष्यों को विशेष महत्त्व देते हैं और उनकी विशेष देखभाल करते हैं, मत्ती 10:31 देखें।
प्राकृतिक धर्मों का पालन करने वाले लोग आत्माओं से बातचीत करने के लिए विशेष शब्द, वस्तुएँ या क्रियाएँ करते हैं। ये रीति-रिवाज़ अलग-अलग समाजों में विभिन्न हैं। माना जाता है कि रीति-रिवाज़ आत्माओं को नाराज़ करने से बचने में सहायता करते हैं और संभवतः उनसे अच्छी प्रतिक्रियाएँ प्राप्त करते हैं। एक व्यक्ति अपने साथ ऐसी वस्तु ले जाता है जिसके बारे में माना जाता है कि उसमें शक्ति है। अक्सर, एक एनिमिस्ट यह नहीं समझा पाता कि कोई प्रथा क्यों प्रचलित है।
परमेश्वर चाहते हैं कि हम ऐसी हर चीज़ से छुटकारा पा लें जो आत्माओं पर निर्भर रहने के लिए सहायक है। अगर हमारे पास ऐसी चीज़ें हैं, तो हम पूरी तरह से परमेश्वर पर भरोसा नहीं कर रहे हैं, प्रेरितों 19:19 देखें।
एनिमिस्टों का मानना है कि कोई व्यक्ति किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति से शक्ति प्राप्त कर सकता है। उनका मानना है कि व्यक्ति को विशेष वस्तुओं या स्थानों से सावधान रहना चाहिए क्योकि उन शक्तियों से हानिकारक प्रभाव होते हैं।[3]
अंधविश्वास कहलाने वाली अधिकांश प्रथाएँ एनिमिस्ट अवधारणाओं से आती हैं। अंधविश्वास वह विचार है जिसके अनुसार किसी व्यक्ति को कुछ प्रथाओं का पालन करना चाहिए क्योंकि विशेष वस्तुओं, कार्यों या स्थानों में आध्यात्मिक शक्ति होती हैं। मसीही लोग अलौकिक शक्तियों की वास्तविकता जानते हुए भी अंधविश्वासी नहीं होते क्योंकि वे परमेश्वर की सर्वोच्च सामर्थ पर भरोसा करते हैं।
► बाइबल हमें अंधविश्वास से जुड़ी चीज़ों का प्रयोग न करने के लिए क्यों कहती है?
एनिमिस्ट मानते हैं कि संसार आध्यात्मिक जोखिमों से भरा हुआ है, और उन्हें सावधान रहना चाहिए कि वे प्रकृति आत्माओं या अपने पूर्वजों को नाराज़ न करें। उनका जीवन निरंतर भय से निर्देशित होता है। कभी-कभी लोग सोचते हैं कि आरम्भिक समाज तब तक खुश और चिंता मुक्त था जब तक कि मिशनरी संगठित धर्मप्रचार के लिए नहीं आये, लेकिन यह सच नहीं है। आरम्भिक लोग सुसमाचार के न होने के कारण आत्माओं के डर की गुलामी में रहते थे। सुसमाचार मुक्ति के एक अद्भुत संदेश के रूप में आता है। वे सीखते हैं कि वे एक ऐसे परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं जो उनसे प्रेम करते हैं और उन्हें आत्माओं से डरने की आवश्यक्ता नहीं है।
बाइबल हमें कई बार बताती है कि हमें डरने की आवश्यक्ता नहीं है क्योंकि हम परमेश्वर पर भरोसा कर सकते हैं, यशायाह 41:10 देखें।
[4]प्रकृति धर्मों का पालन करने वाले लोगों के पास ऐसे धार्मिक विशेषज्ञ हो सकते हैं जिन्हें आत्माओं के मामलों से निपटने में विशेषज्ञ माना जाता है। प्रत्येक संस्कृति में इन धार्मिक विशेषज्ञों के लिए अपना नाम होता है।
एनिमिस्ट सृष्टि करने वाले एक सर्वोच्च परमेश्वर में विश्वास कर सकते हैं, लेकिन वे उससे प्रार्थना नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि उसके साथ संपर्क करना असंभव है। उन्हें लगता है कि उनके आस-पास की आत्माएँ ही वे माध्यम हैं जिनसे उन्हें अपने जीवन में सहायता पाने के लिए बुलाया जा सकता है।
आत्माओं के साथ संपर्क करने का प्रयास प्रायः एनिमिस्ट को दुष्टात्माओं के साथ संपर्क करने की ओर ले जाता है।
► अब वापस जाएं और बोल्ड और इटैलिक किए गए पाठ और प्रत्येक पवित्रशास्त्र को पढ़ें।
"परमेश्वर असृजित, अनिवार्य, एक, अनंत, अपार, व अनंत जीवन हैं, वह सभी जीवित प्राणियों का जीवन हैं।"
- थॉमस ओडेन
द लिविंग गॉड
"यह परमेश्वर की सर्वोच्च सामर्थ है जो बाइबल के संसार में भविष्यद्वाणी और चमत्कारों को पूरी तरह से सुगम बनाती है। परमेश्वर को कभी भी उनकी सृष्टि से अलग नहीं रखा जा सकता।"
- डब्ल्यू.टी. पर्किसर
गॉड मैन एंड साल्वेशन
“और मैं जीवनदाता प्रभु के पवित्र आत्मा पर विश्वास करता हूँ, जो पिता और पुत्र से मिलता है।”
- निसीन मत
बहुत से एनिमिस्ट पहले से ही एक सर्वोच्च ईश्वर में विश्वास करते हैं, लेकिन यह नहीं मानते कि वे उन तक पहुँच सकते है या वो ईश्वर उनमें रुचि रखता है। सुसमाचार उन्हें बताता है कि परमेश्वर उनसे प्रेम करते हैं और उन्होने यीशु को भेजकर अपने प्रेम को दर्शाया।
कई एनिमिस्ट सोचते हैं कि उन्होंने एक आध्यात्मिक प्राणी को ठेस पहुँचाई है: जैसे कोई ईश्वर, उनके सम्बंधी जो दिव्य बन गए हैं, या कोई और। सुसमाचार बताता है कि परमेश्वर हमारे पापों को क्षमा करने के लिए तैयार हैं ताकि हम उनके साथ संबंध में आ सकें।
एनिमिस्ट आत्माओं के डर में जीते हैं। हम उन्हें आश्वस्त कर सकते हैं कि अगर वे परमेश्वर को जान लेते हैं, तो वे उनकी सुरक्षा में रहेंगे और आत्माओं के बजाय वे जीवित परमेश्वर के साथ सम्बंध बना सकते हैं।
हाटो पापुआ न्यू गिनी में एक जनजाति का मुखिया था। वह आत्माओं और पूर्वजों के डर में रहता था। अक्सर विभिन्न गाँवो के बीच लड़ाईयाँ होती रहती थी। फिर एक मिशनरी उसके गाँव में रहने आए। हाटो ने देखा कि जब मिशनरी के बेटे खतरे में थे तो उन्होने कैसे संकट के समय परमेश्वर पर भरोसा रखा। यह देखकर हाटो ने आत्माओं की बजाय परमेश्वर की सेवा करने का निर्णय लिया।
► अब भजन संहिता 147 को फिर से पढ़ें। प्रत्येक छात्र एक अनुच्छेद लिखे जिसमें इस अंश का संदेश एनिमिस्टों के लिए समझाया गया हो। कुछ छात्र अपनी लिखी बातें साझा कर सकते हैं।
इस धार्मिक समूह के किसी व्यक्ति के सामने सुसमाचार प्रस्तुत करने का अवसर ढूँढ़ना याद रखें। अपने सहपाठियों के साथ हुई बातचीत के बारे में बताने के लिए तैयार रहें। अपना 2-पृष्ठ वाला प्रतिवेदन लिखकर अपनी कक्षा के अगुवे को सौंप दें।
19 lessons · हिंदी
Your print request has been recorded. Your download should begin shortly.
Download Print-Ready FileFree to print for ministry use. No changes to content, no profit sales.
SGC exists to equip rising Christian leaders around the world by providing free, high-quality theological resources. We gladly grant permission for you to print and distribute our courses under these simple guidelines:
All materials remain the copyrighted property of Shepherds Global Classroom.
Questions? info@shepherdsglobal.org
$21.99 each
Added to Cart
By submitting your contact info, you agree to receive occasional email updates about this ministry.
Download audio files for offline listening
No audio files are available for this course yet.
Check back soon or visit our audio courses page.
Share this free course with others