पहली मुलाकात
संदीप ने एक कलीसिया की ओर जाते हुए एक बड़ा सा बोर्ड देखा: “21 मई, 2011, न्याय की दिन। बाइबल इसका आश्वासन देती है!” संदीप हैरान रह गया कि यदि संदेश सच है तो उसे क्या करना चाहिए। ऐसा लग रहा था कि उसके पास बच्चों को पाठशाला भेजने, या अपना घर बनाने, या उधार लिए गए पैसे वापस करने का कोई कारण नहीं होगा। उसने सोचा कि क्या उसे इस संदेश को फैलाने में सहायता करने के लिए अपना सारा पैसा दान कर देना चाहिए।