पहली मुलाकात
[1]फर्नान्डो एक रोमन कैथोलिक व्यक्ति था और वह एक बार पासबान भी रह चुका था, परन्तु उसने पासबानी का पद छोड़ दिया। एक दिन उसने एक नयी नौकरी शुरू की। जब एक व्यक्ति उसे वह काम करने का तरीका बता रहा था, तो फर्नान्डो को मालूम हुआ कि वह व्यक्ति इग्लेसिया नी क्रिस्टो (मसीह की कलीसिया) का सदस्य था। फर्नान्डो ने कहा, “मैं केवल यीशु पर भरोसा करता हूँ; वही मेरा परमेश्वर है।” उस व्यक्ति ने उससे कहा कि यीशु परमेश्वर नहीं है, और बताया कि उसका पासबान बाइबल से यह साबित कर सकता है कि यीशु केवल एक बिचवईं था। उन्होंने फर्नान्डो के सामने बहुत से पवित्रशास्त्र प्रस्तुत किए, और वह उलझन में पड़ गया। उन्होंने उसे भरोसा दिलाया कि यीशु परमेश्वर नहीं है।
“मसीही धर्म के हृदय में यह घोषणा पाई जाती है कि हमारा प्रभु यीशु मसीह, परमेश्वर का अनन्त पुत्र, हमारे उद्धार के लिए मनुष्य बना।”
- विलार्ड टेलर
परमेश्वर, मनुष्य और उद्धार
