पहली मुलाकात
अमित का पालन-पोषण एक हिन्दू परिवार में हुआ था और उन्होंने सभी धार्मिक रीति-रिवाजों में भाग लिया था। जब वह बच्चा था तो हर दिन पूजा किया करता था।वह बहुत ही सीधा था, लेकिन अध्यात्मिक खालीपन को महसूस कर रहा था। अमित ने अपने धर्म को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश करने के लिए हिंदू लेखन पढ़ें। उसे सिखाया गया था कि विश्वास मायने नहीं रखते क्योंकि सभी धर्म ईश्वर तक पहुंचने के तरीके हैं। वह वास्तव में वह सच्चाई खोजना चाहता था जो उसे ईश्वर तक पहुँचा दे,लेकिन वह सोचत था कि क्या ऐसी कोई सच्चाई विद्यमान है।
