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विश्‍व की विश्‍वास से जुड़ी परंपराएँ

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Lesson 6: ईस्टर्न लाइटनिंग

1 min read

by Stephen Gibson


पहली मुलाकात

शांग हुइ चीन में एक पासबान था। उसने सुना कि लोग कलीसिया छोड़कर सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर की कलीसिया (Church of Almighty God) में शामिल हो रहे हैं। यहाँ तक कि उसके माता-पिता भी उनके साथ शामिल हो गए थे। उस पंथ के सदस्यों से जब वह मिला, तो उन्होंने कहा, “परमेश्‍वर का नाम यहोवा तो था, परन्तु पृथ्वी पर उस समय यह यीशु था। परमेश्‍वर फिर से एक नया काम कर सकता है, और पृथ्वी पर दूसरा मसीह बन सकता है।” उनकी शिक्षाओं से शांग हुइ उलझन में पड़ गया। वह अपनी सेवकाई में हतोत्साहित हो गया क्योंकि वह पंथ बहुत तेजी से बढ़ रहा था।