पाठ के उद्देश्य
इस पाठ के अन्त होने तक विद्यार्थी को नीचे दिए गए कार्य करने के योग्य होना चाहिए:
(1) सामूहिक आराधना और आराधना की जीवनशैली के बीच के संबंध को पहचानना।
(2) समझना कि आराधना की जीवनशैली व्यक्ति के मूल्यों को बदल देती है।
(3) परमेश्वर की महिमा के लिए जीवन व्यतीत करने का प्रयास करना।
(4) रोमियों 12:2 में सिखाई गई आराधना की जीवनशैली के प्रति समर्पित रहना।
(5) आराधना के बाइबल आधारित धर्मज्ञान को बताना।
