पाठ के उद्देश्य
इस पाठ के अंत में, छात्र यह करने लगेंगे:
(1) बाइबल के दृष्टिकोण से अविवाहित होने की दशा न को समझना।
(2) विवाह और अविवाहित होने की दशा के सम्बन्ध में चुनावों के लिए बाइबल की प्राथमिकताओं की पहचान करना।
(3) जीवन की इस अवधि में नैतिक पवित्रता, धार्मिकता से भरे चरित्र और फलवन्त सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहना।
(4) यीशु को प्रभु मानकर उसके प्रति समर्पण कर करना और उसमें पूर्ण होना।